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सनातन परंपरा के अनुसार, सुल्तानगंज से देवघर की कावंर यात्रा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती जब तक श्रद्धालु देवघर से 42 किमी आगे स्थित बाबा बासुकीनाथ धाम (दुमका) में जाकर जलार्पण नहीं कर लेते।

🔱 3D जलार्पण व अभिषेक दर्शन ➔

⚖️ दीवानी एवं फौजदारी कचहरी का धार्मिक रहस्य:

मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ का दरबार 'दीवानी कचहरी' है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाओं की अर्जी दाखिल करते हैं। वहीं बाबा बासुकीनाथ का दरबार 'फौजदारी कचहरी' कहलाता है, जहाँ भक्त के संकटों का त्वरित निवारण और न्याय का फैसला तुरंत सुनाया जाता है।

🚗 देवघर से बासुकीनाथ कैसे पहुंचें?