🔱 बोल बम डिजिटल कावंरिया सेवा प्रामाणिक हिन्दी तीर्थ सेवा
🚩 मुख्य ऐप पर लौटें
🚩 मुख्य ऐप पर लौटें (Return to App)
🔱 ओपन मुख्य ऐप (Open App) ➔
⚠️ कावंर यात्रा की अग्निपरीक्षा: सुल्तानगंज से 65 किमी दूर स्थित सुईया पहाड़ पर कंकड़ और नुकीले पत्थर सुई की तरह चुभते हैं, इसलिए इसे 'सुईया पहाड़' कहा जाता है।
🗺️ लाइव GPS मैप में सुईया पहाड़ की दूरी देखें ➔

🚩 सुईया पहाड़ चढ़ाई के ५ स्वर्णिम नियम (Climbing Rules):

१. दोहरी सूती मोजे (Double Cotton Socks) पहनें

कंकड़ से पैरों में छाले पड़ने से बचने के लिए कावंरिया भाई सूती मोजे पहनकर चलते हैं। मार्ग के सेवा शिविरों में मोजे नि:शुल्क भी बांटे जाते हैं।

२. निर्जलीकरण (Dehydration) से बचाव

चढ़ाई में अत्यधिक पसीना बहता है। थोड़ी-थोड़ी देर में नींबू पानी, ORS घोल और नारियल पानी लेते रहें।

३. कावंर की पवित्रता व खूँटी व्यवस्था

सुईया पहाड़ पर विश्राम हेतु अनेक कावंरिया पंडाल बने हैं। अपनी कावंर को हमेशा स्टैंड या लकड़ी के खूंटे पर ही टांगें, ज़मीन पर भूलकर भी न रखें।

४. आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र व एम्बुलेंस

यदि पैर मुड़ जाए या मांसपेशियों में खिंचाव आए, तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य शिविर पर जाएं। हेल्पलाइन: 108 (एम्बुलेंस) व 112 (पुलिस)।

🏕️ सुईया पहाड़ के बाद विश्राम पड़ाव:

🚩 बोल बम डिजिटल ऐप में यात्रा शुरू करें ➔